आजकल बहुत सुनने को मिलता है कि एक स्वस्थ व्यक्ति है, जो किसी भी तरह का कोई नशा नही करता है, फिर भी उसको कैंसर हो गया।
इसका एक कारण फाइबर और प्लास्टिक के सम्पर्क मे चाय पीना भी है।
जी हाँ बहुत लोगो को ये अफवाह लगे या झूठ लगे मगर कई रिसर्च मे ये साबित हो चुका है कि फाइबर और प्लास्टिक के सम्पर्क मे चाय पीने से भी कैंसर जैसी घातक बीमारी हो जाती है।
फाइबर और प्लास्टिक के सम्पर्क मे चाय पीने से हार्मोनल असंतुलन, महिलाओ मे बाँझपन और पुरुषो मे शुक्राणुओ की कमी जैसी समस्याएं, पाचन सम्बन्धी समस्याएं, स्किन की समस्याएं और नसो की समस्याएं हो सकती है।
मगर कैसे और क्यों ?
इसके कई कारण है –
1 – प्लास्टिक या फाइबर की छन्नी और इस छन्नी मे प्लास्टिक या फाइबर की जाली –

अक्सर घर पर हम लोग चाय छानने के लिए जो छन्नी इस्तेमाल करते है वो प्लास्टिक या फाइबर की होती है और उसमे जो चाय छानने वाली जाली होती है वो भी प्लास्टिक या फाइबर की होती है।
गर्म या गुनगुनी चाय जब इस छन्नी से छानी जाती है तब इस छन्नी और उसकी जाली मे मौजूद माइक्रोप्लास्टिक कण, बिस्फेनाल ए ( B. P. A. ) और फ्थालेट्स जैसे खतरनाक रसायन भी चाय मे आ जाते है, जो चाय के साथ हमारे शरीर मे पहुँच जाते है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और Healthline की शोध रिपोर्ट के अनुसार, जब प्लास्टिक या फाइबर गर्म तरल पदार्थो के सम्पर्क मे आते है, तो यह खतरनाक रसायन छोड़ते है।
ये रसायन हमारे शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक होते है, जिसकी वजह से शरीर मे कैंसर और कई घातक बीमारियाँ बनती है।
इसलिए घर मे प्लास्टिक या फाइबर की छन्नी और प्लास्टिक या फाइबर की जाली लगी हुई छन्नी का इस्तेमाल ना करे । इसकी जगह पर स्टेनलेस स्टील की ऐसी छन्नी का इस्तेमाल करे जिसमे स्टेनलेस स्टील की जाली लगी हुई हो ।
2 – पेपर कप या पेपर गिलास –

बहुत से लोग अक्सर चौराहो पर, सड़क या गली – मोहल्लो मे खुली चाय की दुकानों पर जाकर चाय पीते है।
इनमे से कई चाय की दुकानों पर पेपर कप या पेपर गिलास ( कागज कप या गिलास ) इस्तेमाल होते है, जिसमे लोगो को चाय दी जाती है। इन पेपर कप या गिलास के अन्दर बहुत ही पतली सी हाइड्रोफोबिक फाइबर की परत होती है, जिसमे पर – और पॉलीफ्लोरोआल्किल सब्सटेंट ( पी. एफ. ए. एस. ) जैसे खतरनाक रसायन होते है। इन पेपर कप या पेपर गिलास मे चाय पीने से ये जानलेवा रसायन हमारे शरीर मे पहुँचते है।
और इन चाय की दुकानों पर चाय छानने के लिए प्लास्टिक या फाइबर की छन्नी होती है जिसकी जाली भी प्लास्टिक या फाइबर की होती है,
लगातार और लम्बे समय तक ऐसी दुकानों पर चाय पीने से कैंसर जैसी कई खतरनाक और जानलेवा बीमारियाँ होती है।
इससे बचने के लिए ऐसी चाय की दुकानों पर जाकर चाय पीये , जहाँ पर –
1- चाय छानने के लिए स्टेनलेस स्टील की छन्नी हो और उस छन्नी मे स्टेनलेस स्टील की जाली लगी हो।
2 – जिन दुकानों मे पेपर कप या पेपर गिलास मे चाय दी जाती है वहाँ ना जाये बल्कि उन दुकानों मे जाकर चाय पीये, जहाँ पर मिट्टी के कुल्हड़ मे या फिर काँच के गिलास मे चाय दी जाती है।
3 – फाइबर की पन्नी –
अक्सर काम करने की जगहों पर, फैक्ट्री मे, दुकानों मे, ऑफिस आदि मे लोगो के लिए चाय मँगवाई जाती है। ये चाय चौराहो, सड़क या गली – मोहल्लो मे खुली, चाय की दुकानों से ही आती है।
लेकिन जिस पन्नी मे चाय पैक होकर आ रही है, वो पन्नी सबसे ज्यादा घातक और हानिकारक होती है।
इन चाय की पन्नियों मे डायोक्सिन, फ्थालेट्स जैसे खतरनाक रसायन मौजूद होते है।
ये बहुत ही तेज़ी से गर्म चाय मे घुलते है, जो हमारे शरीर मे चाय के साथ पहुँचते है। शरीर के लिए ये रसायन बहुत जानलेवा है।
सुरक्षित विकल्प क्या है ?
इससे बचने के लिए चाय की दुकानों से थर्मस मे चाय मँगवाएं।
मगर थर्मस ऐसे होने चाहिए जिसके अंदरूनी हिस्से मे स्टेनलेस स्टील या शीशा ( बोरोसिलीकेट ग्लास ) लगा हो।
इसके साथ ही आप अपने ऑफिस या दुकान मे स्टील या काँच के कप और गिलास रखे।
कुछ चाय के दुकानदार ऑफिस या दुकानों मे काँच के गिलास मे भी चाय भेज देते है। अगर थर्मस नही है या थर्मस लेकर जाने वाला कोई नही है, तो ऐसी ही चाय की दुकानों से चाय मँगवाएं।
4 – पॉलीप्रोपाइलिन प्लास्टिक और फाइबर के डिज़ाइनर कप, गिलास और मग –

आजकल पॉलीप्रोपाइलिन प्लास्टिक के और फाइबर के डिज़ाइनर और स्टाइलिश कप, गिलास और मग का चलन बहुत बढ़ गया है।
ये बहुत हल्के, मज़बूत और टिकाऊ होते है। ये दिखने मे बहुत सुन्दर और स्टाइलिश लगते है। इनको बनाने वाली कम्पनियाँ दावा करती है कि इनमे कोई हानिकारक रसायन मौजूद नही है। मगर कई जाँचो मे कई कम्पनियों के इन बर्तनो मे हानिकारक रसायन की पुष्टि हुई है।
खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें
हो सके तो ऐसे कप, गिलास और मग का उपयोग ना करे, अगर उपयोग करना ही चाहते है तो इनको खरीदते समय खुद चेक करले कि पॉलीप्रोपाइलिन प्लास्टिक के इन कप, गिलास और मग मे बी. पी. ए. फ्री और फ्थालेट्स फ्री प्रोडक्ट लिखा है या नही, इसी तरह फाइबर के डिजाइनर कप, गिलास और मग खरीदते समय ये देख ले कि इनमे पी. एफ. ए. एस. फ्री और फार्मिंल्डहाइड फ्री प्रोडक्ट लिखा है या नही।
अगर नही लिखा है तो मत ख़रीदे। वैसे कोशिश करे कि इन बर्तनो मे चाय, कॉफी, दूध, सूप जैसे गर्म पेय पदार्थ ना ही पीये तो अच्छा है। मगर इन बर्तनो मे ठन्डे पेय पदार्थ जैसे पानी, शरबत, लस्सी आदि पीने से कोई नुकसान नही होता है।
“इसके साथ ही डेली डाइट मे मौजूद [नमक, चीनी और मैदा के नुकसान] भी शरीर को धीरे-धीरे बीमार कर रहे हैं, जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।”
आपका हर छोटा सा कदम आपके और आपके परिवार के लोगो के जीवन मे बड़ा बदलाव ला सकता है। खाने – पीने की चीजों से आप प्लास्टिक और फाइबर के सम्पर्क को जितना दूर रखेंगे, उतना ही आप खुद को और अपने परिवार को कई खतरनाक बीमारियों से दूर रखेंगे और स्वस्थ जीवन जीयेंगे।
