नमक, चीनी और मैदा से नुकसान

सफ़ेद ज़हर – नमक, चीनी और मैदा

नमक, चीनी और मैदा खाने का स्वाद तो बढ़ाते है, लेकिन इनको अधिक मात्रा मे खाने से शरीर मे बहुत सी बीमारियाँ बनती है, खासकर 40 साल से अधिक उम्र के लोगो मे इसका बहुत बुरा असर पड़ता है।

40 साल की उम्र के बाद शरीर मे बदलाव

40 साल की उम्र के बाद शरीर मे तेज़ी से बदलाव होने लगता है।

शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा होने लगता है, जिसकी वजह से शरीर मे ऊर्जा ( एनर्जी ) का स्तर कम होता जाता है।

शरीर की मरम्मत करने वाले सिस्टम कम असरदार होने लगते है। शरीर मे कई हार्मोनल बदलाव आते है।

अधिक मात्रा मे लम्बे समय तक नमक, चीनी, और मैदा खाने से दिल की बीमारियाँ, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी की समस्याएं, फैटी लीवर, मोटापा, डायबिटीज, आँतो की समस्याएं, डिप्रेशन और नींद ना आना जैसी कई बीमारियाँ हो जाती है।

इसलिए 40 साल से अधिक उम्र वालो को खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए,

मगर सही और संतुलित भोजन और खानपान की शुरुआत बचपन से ही कर देनी चाहिए ताकि उम्र बढ़ने पर भी शरीर स्वस्थ और फिट बना रहे।

​ज्यादा नमक खाने से नुकसान –

सफेद नमक के नुकसान और दैनिक मात्रा

ज्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ज्यादा दिनों तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रहने से नसों पर दबाव पड़ता है जिससे धमनियां ख़राब होती है।

​ज्यादा नमक खाने की वजह से दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगो मे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है।

नमक की अधिकता होने पर किडनी के काम करने की क्षमता कम हो जाती है और पथरी का खतरा बढ़ जाता है।

चेहरे और शरीर पर कई जगह सूजन आ जाती है।

गंभीर मामलो मे किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।

ज्यादा नमक से दिमाग़ की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे याददाश्त कमजोर होने का खतरा भी बढ़ता है।

ज्यादा नमक खाने से बचें –

  • अपने पूरे दिन के भोजन मे 5 ग्राम से ज्यादा नमक ना खाये।
  • खाना बनने के बाद ऊपर से नमक ना डाले।
  • सलाद मे नमक ना डाले, सब्जियों मे प्राकर्तिक नमक होता है, इसलिए सलाद मे नींबू, काली मिर्च, धनिया, आज़वाइन आदि से स्वाद बढ़ाये।
  • लगभग सभी फलो मे प्राकर्तिक नमक होता है, इसलिए किसी भी फल को नमक लगाकर ना खाये।
  • दही और छाछ मे नमक डालकर ना खाये।
  • फलो और सब्जियों के जूस मे नमक ना डाले।
  • बिना नमक वाला मक्खन (अनसाल्टेड बटर) खाये।
  • पैक्ड (पैकेट बंद) सूप ना पिए।
  • नमकीन दालमोट, नमकीन बिस्कुट कम खाये।

ज्यादा चीनी के सेवन से नुकसान

हावर्ड मेडिकल स्कूल जर्नल मे छपे शोध के अनुसार, ज्यादा चीनी लीवर पर सीधा दबाव डालती है। लीवर अतिरिक्त शुगर को फैट मे बदल देता है।

चीनी खाने के नुकसान और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव

आजकल युवाओं मे बढ़ती हुई फैटी लीवर की समस्या का एक बड़ा कारण ज्यादा चीनी का सेवन भी है। लीवर पर चीनी का असर ठीक उसी तरह होता है, जिस तरह शराब का लीवर पर असर होता है। ज्यादा चीनी के सेवन से शरीर मे सूजन आती है। डायबिटीज होने का एक बड़ा कारण चीनी का ज्यादा सेवन भी है।

  • ​ज्यादा चीनी खाने से उम्र बढ़ने का असर चेहरे और शरीर पर पड़ता है और व्यक्ति ज्यादा बूढा दिखता है।
  • ​चीनी का अधिक सेवन किडनी के रोगों का खतरा बढ़ा देता है।​
  • चीनी के ज्यादा सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, ब्लड प्रेशर बढ़ता है जिससे दिल के रोगों का खतरा बढ़ जाता है।​
  • ज्यादा चीनी के सेवन से दाँतो और मसूड़ों की समस्याएं बनती है।
  • ​ज्यादा चीनी खाने से बेचैनी, मूड स्विंग और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती है।

चीनी का सेवन कम करे –

पूरे दिन मे एक महिला को 25 ग्राम और एक पुरुष को 30 ग्राम से ज्यादा चीनी नही खाना चाहिए।

चाय – कॉफी ज्यादा मीठी ना पीये। चीनी की जगह गुड़ का उपयोग कर सकते है, मगर गुड़ भी कम ही खाये।

  • कोल्ड्रिंक्स, पैक्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक्स ना पीये। ये बहुत हानिकारक होते है। शुगर फ्री उत्पादों का प्रयोग कर सकते है, मगर ये भी एक सीमित मात्रा मे ही करे, क्योंकि शुगर फ्री भी एक प्रकार का कैमिकल होता है। मिठाई, चॉकलेट, हलवा, खीर आदि रोज़ ना खाये, हो सके तो हफ्ते मे सिर्फ एक बार ही खाये।

मिठाई और चॉकलेट खाने के शौक़ीन लोग शुगर फ्री मिठाई और डार्क चॉकलेट खाये, क्योंकि ये कम नुकसान पहुँचाती है।

फल दुनिया के सबसे अच्छे मीठे भोजन के स्त्रोत माने गए है। इनको रोज़ खाना चाहिए ताकि शरीर मे शुगर का लेवल संतुलित बना रहे। फलो के जूस का भी सेवन फायदेमंद होता है। इनको रोज़ पी सकते है। शहद, खज़ूर, और स्टेविया भी रोज़ खा सकते है।

​ मैदे से होने वाले नुकसान –

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार अमेरिका और यूरोप के देशो की नकल पर फ़ास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड खाने का चलन भारत मे बहुत ही तेज़ी से बढ़ा है,

मैदा खाने के नुकसान और पाचन पर इसके दुष्प्रभाव

जिसमे मुख्य रूप से मैदा मौजूद रहता है । स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नमक और चीनी भी ज्यादा होते है।

ऐसे भोजन स्वाद के लिए और लम्बे समय तक टिकने के लिए बनाये जाते है, ताकि वो ख़राब होकर सड़ने ना लगे और लम्बे समय तक इसको रखा जा सके

मैदा बनाने की प्रक्रिया मे इसमें विटामिन, मिनरल, फाइबर आदि खत्म हो जाते है, इसलिए मैदे से बने भोजन मे पोषण बहुत कम होता है ।

मैदा आँतो मे चिपक कर मेटाबॉलिज़्म बिगाड़ देता है, जिससे पाचन सम्बन्धी कई समस्याएं हो जाती है । मैदे की वजह से फैट भी बनता है ।

मैदे की वजह से शरीर मे शुगर का लेवल तेज़ी से बढ़ता है । मैदा दिल की सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक होता है । कई रिसर्च ये साबित कर चुके है कि मैदे से बने भोजन को ज्यादा खाने से डिप्रेशन की समस्या भी बनती है ।

मैदे से दूरी बनाये –

  • पिज़्ज़ा, बर्गर, नूडल्स, मोमोज़, पेस्ट्री आदि ना खाये या 8 से 10 दिन के गैप मे कभी – कभी खाये।​
  • पैक्ड ( पैकेटबंद ) खाना, पैक्ड मीट ( माँस ), पैक्ड दालमोट और बिस्कुट जैसी पैकेट और डिब्बे मे बिकने वाली खाने की चीजों से बचे या कुछ दिनों के गैप मे कभी – कभी खाये।​
  • नूडल्स, बिस्कुट, ब्रेड आदि ज्यादा पसंद करते है तो मैदे की जगह आटे से बने नूडल्स, बिस्कुट, ब्रेड आदि खाये, मगर ये भी रोज ना खाये बल्कि कभी – कभी खाये।
  • ​मैदे से बनी चीजों मे खूब सब्जियाँ मिलाकर खाये, खासकर पिज़्ज़ा, नूडल्स, बर्गर आदि मे खूब सब्जियाँ मिलाये।
  • ​समोसे, खस्ते, पूड़ी, भठूरे आदि रोज ना खाये

स्वस्थ जीवन के लिए मुख्य सुझाव

कुल मिलाकर सबसे अच्छा है कि घर का बना ताज़ा खाना खाये। सब्जियाँ, अनाज, दाले, दूध, फल, सलाद आदि रोज़ खाये।

अगर माँस ( नॉनवेज ) खाते है तो अंडे का सफ़ेद हिस्सा ज़रूर खाये। इसको रोज भी खा सकते है।

  • चना, ज्वार, बाजरा, ओट्स आदि को भी अपने भोजन मे शामिल करे।
  • चीनी, नमक कम खाये और मैदे से दूरी बनाये रहे या कम से कम खाये।
  • कोशिश करे कि बाहर का कुछ भी ना खाये, अगर बाहर का कुछ खाना ही है तो कम से कम 8 से 10 दिन मे सिर्फ एक बार खाये।
  • पैकेट, डिब्बे और बोतल आदि मे पैक होकर बिकने वाली चीजे कम से कम खाये और इनको रोज खाने से बचे।

कुछ लोगो का ऐसा काम ही होता है कि अक्सर उनको बाहर का खाना खाने के लिए मज़बूर होना पड़ता है, ऐसे लोग बाहर दाल, चावल, रोटी, सब्ज़ी खाये, मगर साथ मे अचार ना खाये और अलग से नमक ना खाये ।

लाइ ( लैया ), चना और मूंगफली बाहर खाने के लिए सबसे बेस्ट है, खासकर लाइ ( लैया ), चना को रोज खा सकते है, मगर इसमें नमक और मसाले की मात्रा कम रहे ।

इन्ही सब आदतों को अपनाकर कई बीमारियों से दूर रहे और उम्रभर एक स्वस्थ जीवन जीये ।

 ​स्वस्थ रहने के लिए इन आदतों के साथ-साथ सही मात्रा में पानी पीना भी बहुत ज़रूरी है। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें: [पानी कितना जरूरी है।] “