एसी (एयर कंडीशनर) के नुकसान और उससे बचने के तरीके

एसी के नुकसान

गर्मी और उमस के मौसम में एसी (एयर कंडीशनर) बहुत राहत देता है।

एसी बहुत अधिक गर्मी में ओवरहीटिंग और हीट स्ट्रेस (शरीर का तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा बढ़ जाने) से बचाता है।

एसी कंट्रोल और संतुलित ठंडा वातावरण देता है।

एसी हार्ट रेट संतुलित रखता है।

एसी पसीना कम करता है।

एसी में रहने के कई फायदे है, लेकिन अगर सावधानी ना रखी जाये तो इसके बहुत से नुकसान भी है, जिसकी वजह से आप धीरे – धीरे बीमार पड़ जाएंगे।

एसी में रहने से बहुत से लोगो के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

बहुत लोगो को एसी सूट नही करता।

कैसे पता चलता है कि एसी सूट नही कर रहा?

यदि आपको एसी सूट नही कर रहा है तो आपको अक्सर ये लक्षण दिखेगे।

• गले में खराश।

• गला सूखना।

• बार – बार छींक आना।

• नाक बंद होना।

• आँखों में जलन।

• आँखों में ड्राइनेस (सूखापन)।

• ऑंखें लाल होना।

• सिर दर्द।

• सिर भारी लगना।

• कभी – कभी साँस लेने में घुटन महसूस होना।

• रूखी – सूखी त्वचा।

• बार – बार खुजली होना।

• होंठ सूखना।

• लगातार थकान महसूस होना।

किन लोगों को एसी से ज्यादा खतरा?

• बच्चे और बुज़ुर्ग।

• दिल की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति।

• फेफड़ों (लंग्स) की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति।

• अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति।

• एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति।

• साइनस से पीड़ित व्यक्ति।

• कमज़ोर इम्युनिटी वाले।

Dry Eye (ऑंखो का सूखापन) की प्रॉब्लम वाले।

• जो कॉन्टैक्ट लेंस लगाते है।

• जिनको जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द और अकड़न रहती है।

• जिनकी स्किन सूखी (Dry) रहती है।

• एग्ज़िमा और सोरायसिस जैसी स्किन की समस्या से पीड़ित व्यक्ति।

• वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित व्यक्ति।

• आर्थराइटिस (गठिया) से पीड़ित व्यक्ति।

• कम पानी पीने वाले।

• जो फिज़िकल एक्टिविटी (शारीरिक गतिविधि) नही करते या बहुत कम करते है।

एसी से आपके स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान

अगर सावधानी नही रखेंगें तो एसी से आपके स्वास्थ्य को कई तरह की हानि हो सकती है।

• लगातार ठंडी और शुष्क हवा में रहने से इम्युनिटी कमजोर होती है।

• बंद कमरों में कार्बन डाइ ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है।

• इंडोर पॉल्यूशन बढ़ता है जो सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है।

• आँखों में जलन और ड्राइनेस बढ़ती है।

• सांस और फेफड़ों सम्बन्धी समस्याएं हो सकती है।

• जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द और अकड़न हो सकती है।

• सर्दी और खाँसी की समस्या हो सकती है।

• डिहाइड्रेशन हो सकता है।  

डिहाइड्रेशन क्या है, इसके लक्षण और उपाय जानने के लिए यहाँ पढ़ें।

• सिर दर्द और चक्कर की समस्या हो सकती है।

• स्किन सूखी हो सकती है और खुजली की समस्या हो सकती है।

• सुस्ती और थकान की समस्या हो सकती है।

• नाक और गले में इन्फेक्शन हो सकता है।

• ध्यान में कमी आ सकती है। 

सावधानियां

अगर घर में एसी का उपयोग करते है, या ना चाहते हुए भी एसी में रहना पड़ता है तो कुछ सावधानी रखनी चाहिए।

• एसी का टेम्प्रेचर 24°C से 26°C तक ही रखे।

• हर एक घंटे में 5 मिनट के लिए एसी वाली जगह से बाहर निकले।

एसी वाली जगह से निकलकर डायरेक्ट धूप में या गर्म वातावरण में ना जाये,
और
ठीक इसी तरह धूप से या गर्म वातावरण से डायरेक्ट एसी वाली जगह पर ना आये।

बीच में कम से कम 5 मिनट तक किसी सामान्य जगह पर रुके।

• एसी की हवा को सीधे अपने शरीर पर ना पड़ने दे।

• हर 2 घंटे में कमरे की खिड़कियाँ कुछ समय के लिए खोले, ताकि ताजी हवा आती रहे और कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा बनी रहे।

8 से 10 गिलास पानी रोज पिएं (जानिए सेहत के लिए पानी कितना जरूरी है )।   

• नारियल पानी, ओआरएस, नींबू पानी आदि का सेवन करे।

• दिन भर में 2 कप चाय या कॉफी से ज्यादा ना पिएं।

• आँखों को ड्राइनेस ( आँखों का सूखना ) से बचाने के लिए आँखों के डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स का उपयोग कर सकते है।

• स्किन की नमी को बरकरार रखने के लिए मॉइस्चराइज़र क्रीम लगाए।
होठो पर लिप बाम लगाए।

• हल्के कपड़े पहने।

• हर 15 से 20 दिन में एसी की सफाई करे। एयर फ़िल्टर्स और जालियों की अच्छी तरफ से सफाई करे।

• समय – समय पर एसी की सर्विसिंग करवाएं।

ऑफिस में, दुकान में या काम करने की जगह पर एसी में रोज 8 से 12 घंटे रहना पड़े तो क्या करे?

ऑफिस, दुकान, होटल, शॉपिंग मॉल, हॉस्पिटल आदि आपके काम करने की जगह पर, जहाँ पर हर समय एसी चलता है, वहाँ आपको रोज 8 से 12 घंटे रहना है, तब क्या करे –

• धूप से या गर्म वातावरण से डायरेक्ट एसी वाली जगह पर ना जाये, 

और ठीक इसी तरह एसी वाली जगह से डायरेक्ट धूप में या गर्म वातावरण में ना जाये।

 किसी सामान्य तापमान वाली जगह जैसे गैलरी, बेसमेंट जैसी जगह पर कम से कम 5 मिनट तक रुके।

• 2 लेयर के कपड़े ( कपड़े के ऊपर कपड़ा ) पहने, जैसे कपड़ो के अन्दर एक टी शर्ट पहन सकते है।

• फुल स्लीव ( पूरी आस्तीन ) के कपड़े पहने।

• हल्के मोटे या हल्के गर्म कपड़े पहने।

• ध्यान दे कि एसी का टेम्प्रेचर 24°C से 26°C तक होना चाहिए।

• ध्यान रखे कि एसी की हवा आपके शरीर पर ना पड़े। 

• प्यास लगे या ना लगे, पानी पीते रहे।

एक बार में ढेर सारा पानी ना पिएं बल्कि हर एक से डेढ़ घंटे में 1 गिलास पानी पिएं।

• लगातार कई घंटो तक बैठने की जगह बीच – बीच में थोड़ा मूवमेंट करे।

हर 1 घंटे में कम से कम 3 मिनट तक खड़े होकर थोड़ा टहल ले।

• कंप्यूटर, लैपटॉप आदि पर काम करते है तो हर 20 मिनट में 20 फ़ीट की दूरी पर बिना पलक झपकाएं 20 सेकेंड तक देखे।

काम करते समय एकटक होकर स्क्रीन पर ना देखे। बीच – बीच में पलकें झपकाते रहे।

• मॉइस्चराइज़र और लिप बाम का उपयोग करे।

• पूरे दिन में सिर्फ 2 कप चाय या कॉफी से ज्यादा नही पीना है, इसलिए अपने ऑफिस, दुकान या काम करने की जगह पर भी इसका ध्यान रखे कि 24 घंटे में 2 कप से ज्यादा चाय या कॉफ़ी ना हो पाए।

• आँखों को ड्राइनेस से बचाने के लिये आँखों के डॉक्टर की सलाह पर आईड्रॉप्स डाले।

रात में सोते समय एसी का इस्तेमाल कैसे करे?

हमेशा की तरह एसी का टेम्प्रेचर 24°C से 26°C तक ही रखे।

रात में स्लीप मोड का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि जब देर रात में वातावरण थोड़ा ठंडा हो जाए, तो एसी खुद ही अपना टेम्प्रेचर बढ़ा दें और आपको ठंडा ना लगे।

रात में सोने से पहले टाइमर का उपयोग करे।

सोने से पहले एसी को 3 या 4 घंटे के लिए सेट कर दें, ताकि रात में जब कमरा ठंडा हो जाये तो टाइमर सेट होने के कारण 3 या 4 घंटे के बाद एसी अपने आप ही बंद हो जाये। आपको ठंडा भी ना लगे और आपकी नींद भी ना खुले।

ध्यान रखे कि एसी की हवा का रुख आपके शरीर की तरफ ना हो।

सबसे अच्छा तरीका है कि एसी की हवा का रुख छत की तरफ हो या फिर कमरे के उस खाली हिस्से की तरफ हो जहाँ पर कोई लेटा ना हो।

एसी के साथ सीलिंग फैन ( छत वाला पंखा ) ज़रूर चलाये, ताकि एसी की हवा पूरे कमरे में फैले।

एसी कमरे की नमी सोख लेता है, इसलिए कमरे के किसी कोने में, किसी बर्तन में या किसी बाल्टी में पानी भरकर ज़रूर रखे। इस बर्तन या बाल्टी को खुला रखे, इसको ढक कर ना रखे।

आँखों को ड्राइनेस से बचाने के लिए आँखों के डॉक्टर की सलाह से, सोने से पहले अपनी आँखों में आईड्रॉप्स डाले।

सोते समय मोटी चादर, शॉल या हल्के गर्म, पतले कंबल ओढ़कर सोये।

एसी गर्मी में राहत तो देता है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय अगर सावधानी नहीं रखेंगे तो यही एसी आपकी सेहत पर बहुत बुरा असर डाल सकता है।

अब जब आप एसी के नुकसान और उनसे बचने के तरीके जान चुके है तो इसको आज से अपनाइए, और एसी का इस्तेमाल सावधानी से करिए और स्वस्थ रहिए।