डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) क्या है? लक्षण, कारण और उपाय

डिहाइड्रेशन क्या है

डिहाइड्रेशन ( निर्जलीकरण ) क्या है ?

जब शरीर मे पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो जाती है तो इसे डिहाइड्रेशन ( निर्जलीकरण ) कहते है।

​पानी पीना क्यों ज़रूरी है, ये बात तो सभी लोग जानते है, मगर डिहाइड्रेशन होने के दूसरे मुख्य कारण इलेक्ट्रोलाइट की कमी के बारे मे सभी लोग नही जानते।

​अक्सर लोग केवल पानी पीने को ही हाइड्रेट रहना मान लेते है, मगर गर्मियों के दिनों मे सिर्फ पानी पीने से बात नही बनेगी।

​पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट भी बेहद ज़रूरी है, इसलिए इलेक्ट्रोलाइट क्या है, पहले इसको समझे।

“यह भी पढ़ें: स्वास्थ्य और शरीर के लिए [पानी कितना जरूरी है] और आपको रोजाना कितना पानी पीना चाहिए।”

इलेक्ट्रोलाइट क्या है ?

इलेक्ट्रोलाइट वो ज़रूरी मिनरल्स होते है, जो हमारे शरीर के सभी अंगों को सुचारु रूप से काम करने मे सहायता करते है।

​इनमे सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम शामिल है। इनमे से किसी की भी कमी आपको बीमार कर सकती है।

​इसलिए ये अच्छी तरह से समझ ले कि सिर्फ पानी पीने से आप डिहाइड्रेशन से नही बच सकते। खासकर गर्मियों के मौसम मे शरीर के लिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट दोनों ही बहुत ज़रूरी है।

कौन लोग डिहाइड्रेशन के ज्यादा शिकार होते है ?

 

      • धूप मे काम करने वाले लोग।

      • फील्ड वर्क वाले लोग।

      • खेत मे काम करते किसान।

      • किचन मे महिलाएं।

      • मज़दूर लोग।

      • अधिक मेहनत वाला काम करने वाले लोग।

      • जिम मे एक्सरसाइज़ करने वाले।

      • धूप मे खेलने वाले बच्चे।

      • खिलाड़ी।

      • सड़क पर ट्रैफिक पुलिस और बॉर्डर पर सेना                    और अर्द्धसैनिक बलो के जवान।

      • ड्राइवर लोग।

      • सड़क पर दुकान लगाने वाले।

      • ठेले, खोमचे, फेरी लगाने वाले।

डिहाइड्रेशन के लक्षण

डिहाइड्रेशन के मुख्य लक्षण और संकेत

  •  चक्कर आना , आँखों के आगे अंधेरा छाना।
  •  कमजोरी और थकान।
  • पीला पेशाब आना।
  • 6 घंटे से ज्यादा समय तक पेशाब ना लगना।
  • हीट स्ट्रोक ( लू लगना )।
  •  डायरिया।
  •  माँसपेशियों मे दर्द।
  • सिर दर्द।
  • पैर की नस चढ़ना।
  • उल्टी।
  • जी मिचलाना।
  • दिल तेज़ धड़कना।
  • हाथ – पैर सुन्न होना।
  • कन्फ्यूज़न ( भ्रम )।
  • बेहोशी।
  • ज्यादा प्यास लगना।
  • होंठ सूखना।
  • आँखों के नीचे गड्ढे होना।
  • तेज़ बुखार।
  • सूखी और ठंडी त्वचा।
  • चिड़चिड़ापन।
  • छोटे बच्चों के रोते समय आँसू ना निकलना।
  • बच्चों के डायपर ज्यादा गीले ना होना।

डिहाइड्रेशन होने के कारण

• धूप मे ज्यादा देर तक रहने से।

• बहुत मेहनत वाला काम या व्यायाम करने की वजह से ज़रूरत से ज्यादा पसीना आना।

• पानी कम पीना।

• ज़रूरत से ज्यादा पानी पीना, जिसकी वजह से बार – बार पेशाब आना।

• लगातार कई उल्टियां आना।

• डायरिया होना।

• कुछ विशेष दवाओं का उपयोग, जिसके कारण व्यक्ति को बार – बार पेशाब आना।

• बुखार की वजह से।

• शरीर मे पानी और इलेक्ट्रोलाइट का स्तर कम होना या ज़रूरत से ज्यादा होना।

• असंतुलित आहार, फ़ास्ट फूड, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन।

सरल शब्दों मे समझे

1- धूप या अधिक मेहनत की वजह से जब ज्यादा पसीना आता है।

2- लगातार उल्टियां आ रही है।

​3- डायरिया हो गया है।

4- ज़रूरत से ज्यादा पानी पीने से बार – बार पेशाब आ रहा है।

5- पानी कम पीते है और इलेक्ट्रोलाइट रहित असंतुलित भोजन करते है।

​इन 5 मुख्य कारणों मे से किसी भी एक कारण से ही व्यक्ति के शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट बहुत ही तेज़ी से शरीर से बाहर निकल जाते है।

जिसकी वजह से व्यक्ति के शरीर मे पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो जाती है,

जिसके कारण व्यक्ति डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है।

डिहाइड्रेशन से बचने के घरेलू उपाय

• लगभग 10 गिलास पानी रोज़ पिएं।

• धूप और फील्ड वर्क मे जाने से पहले सिर को अच्छी तरह से कपड़े से ढके, कैप या हैट भी पहन सकते है, सनस्क्रीन लगाए।

• घर से निकलने से 2 घंटे पहले, 2 से 3 गिलास पानी पिएं, 

• फिर घर से निकलने से 5 मिनट पहले भी 1 गिलास         पानी पीकर घर से निकले।

 • अगर फील्ड वर्क वाला काम करते है तो हर आधे से 1  घंटे मे 200 ML ( 1 गिलास ) पानी पीते रहे।

• सूती और ढीले कपड़े पहने। डार्क कलर के कपड़े ना  पहने, लाइट कलर के कपड़े पहने। एकदम चिपके हुए, टाइट कपड़े ना पहने।

• अधिक मेहनत वाला काम करते है तो काम करने के समय, हर आधे से 1 घंटे मे 200 ML ( 1 गिलास ) पानी पिएं।

• संतुलित आहार ले।

तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, प्याज, पालक, मट्ठा, छाछ का सेवन करे।

• नारियल पानी, बेल का शरबत, नींबू का शरबत, आम का पना जैसे तरल पेय पदार्थ पिएं।

• ओ. आर. एस. का घोल पिएं।

• नींबू, आयोडीन युक्त नमक और शहद या पिसा हुआ गुड़, ये तीनो चीजो को पानी मे मिलाकर घर पर ही ओ. आर. एस. का घोल बनाये और इसको पिएं और पूरे परिवार को पिलाये।

• कोल्ड्रिंक्स, सॉफ्टड्रिंक्स, शराब का सेवन बिल्कुल भी ना करे।

• चाय, कॉफी दिन भर में 2 कप से ज्यादा ना पिएं। बिना चीनी के ग्रीन टी एक अच्छा विकल्प है।

• जंक फूड, फ़ास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड का सेवन ना करे।

खास टिप: गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने के साथ-साथ अगर शरीर की इम्यूनिटी और पाचन को भी 10 गुना मजबूत करना है, तो यह जादुई तरीका अपनाएं: [तांबे के बर्तन मे पानी पीने के फायदे]

जिम जाने वाले और खिलाड़ियों के लिए उपाय

• जिम जाते है या खिलाड़ी है तो जिम या ग्राउंड मे जाने से 2 घंटे पहले, 2 से 3 गिलास पानी पिएं और जिम या ग्राउंड पर जाने से 5 मिनट पहले 1 गिलास पानी पिएं।

• जिम या ग्राउंड मे जाने के बाद हर 20 मिनट मे लगभग 200 ML ( 1 गिलास ) पानी पिएं।

• एक्सरसाइज़ करते समय या खेलते समय ओ. आर. एस. का घोल और नारियल पानी भी एक अच्छा विकल्प है, जिसको हर 20 मिनट मे पीना चाहिए।

बच्चों के लिए विशेष उपाय

• बच्चों का विशेष ध्यान दे। उनको धूप मे ना जाने दे।

• बच्चों को घर का सादा और संतुलित खाना खिलाये। बाहर का कुछ भी ना खिलाये।

• समय – समय पर बच्चों को पानी, नींबू का शरबत, बेल का शरबत, नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ पिलाते रहे।

डॉक्टर के पास कब भागे ?

• बहुत ज्यादा गहरा पीला पेशाब आ रहा है या 6 घंटे से पेशाब नही आया है।

​• उल्टी की वजह से ओ. आर. एस. भी नही रुक रहा है।

​• डायरिया की वजह से लगातार दस्त आ रहे है।

​• बहुत तेज बुखार है।

​• व्यक्ति बेहोश हो रहा है या अर्द्ध बेहोशी मे है।

​• व्यक्ति बार – बार कंफ्यूज़ ( भ्रमित ) हो रहा है।

​• ब्लड प्रेशर ( बी. पी. ) Low हो गया है।

​ये सभी स्थिति बहुत ही खतरनाक और जानलेवा है।

​ऐसे मे पीड़ित व्यक्ति या बच्चे को तुरन्त हॉस्पिटल ले जाये। थोड़ी सी भी लापरवाही या देरी जानलेवा हो सकती है।

​भारत समेत दुनिया के कई देशो मे गर्मी ज्यादा पड़ती है, भारत समेत इन सभी देशो मे डिहाइड्रेशन से बहुत लोगो की मृत्यु हो जाती है।

​मृत्यु के मुख्य कारण लापरवाही, इलाज़ मे देरी है।

​इसलिए डिहाइड्रेशन को मामूली बात ना समझे, इसको एक गंभीर समस्या के रूप मे देखे, लापरवाही बिल्कुल ना करे और इससे बचने की पूरी कोशिश करे।

​हल्का डिहाइड्रेशन लगे तो ORS और घरेलू उपाय ही काफी है।

​मगर बहुत ज्यादा गहरा पीला पेशाब, 6 घंटे तक पेशाब ना आना, चक्कर, बेहोशी, अर्द्ध बेहोशी, कंफ्यूज़न ( भ्रम ), उल्टी न रुके, दस्त ना रुके, तेज बुखार, ब्लड प्रेशर लो ( Low ) या बच्चा सुस्त हो तो डॉक्टर के पास भागो। 1 घंटे की देरी भारी पड़ सकती है।

​आपका शरीर एक मशीन है, जिसमे 70% पानी है। पानी सुखाओगे तो मशीन बंद हो जाएगी। खुद के लिए, फैमिली के लिए हाइड्रेटेड रहे, स्वस्थ रहे।