क्या होता है बर्नआउट ?
बर्नआउट क्या है। ज्यादातर लोग बर्नआउट के बारे मे नही जानते है। भारत जैसे देश मे लगभग 60 प्रतिशत कामकाजी लोग बर्नआउट की समस्या से पीड़ित है, मगर बर्नआउट से पीड़ित लोग भी इसके बारे मे कुछ नही जानते है।

Healthline के अनुसार बर्नआउट एक ऐसी स्थिति है जिसमे व्यक्ति मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से इतना थक जाता है कि काम करने मे उसका बिल्कुल भी मन नही लगता है, काम करने मे रूचि खत्म हो जाती है।
कर्मचारी , नौकरी करने वाले, खुद का बिज़नेस या खुद का रोजगार करने वाले, दुकानदार, हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करने वाले कलाकार और क्रिएटिव लोग, शोध और रिसर्च करने वाले और सभी क्षेत्रो के पेशेवर लोग अक्सर बर्नआउट के शिकार होते है।
महिलाओं मे बर्नआउट की समस्या पुरुषो से ज्यादा गंभीर है, क्योंकि महिलाओं को अपनी नौकरी, बिज़नेस या दुकान के साथ – साथ घर का काम, किचन का काम, बच्चों की देखभाल , सास – ससुर की सेवा और पूरे घर की जिम्मेदारियाँ भी निभानी होती है।
क्यों होता है बर्नआउट ?
किसी भी कामकाजी व्यक्ति को बर्नआउट हो सकता है, जिसके कई कारण हो सकते है –
: कारण
1 – बिना ब्रेक लिए लगातार काम करना। काम को ही सब कुछ मान लेना, जिसकी वजह से घर – परिवार पर और खुद पर कम ध्यान देना।
2 – अपने आप से और दूसरों से ज़रूरत से ज्यादा उम्मीदें ।व्यक्ति खुद भी ज़रूरत से ज्यादा काम करने लगे और अपने कर्मचारियों या सहकर्मियों से भी ये उम्मीदें रखे कि वो लोग भी अधिक से अधिक काम करे।
3 – अपने आप के लिए कोई बड़ा टारगेट निर्धारित करना और इसको पूरा करने की चिन्ता करना, कम्पनी या बॉस द्वारा दिया हुआ टारगेट पूरा करने का तनाव।
4 – दुनियाभर के सभी क्षेत्रो मे बढ़ता कॉम्पीटिशन और उसमे खुद को सफल बनाये रखने का तनाव।
5 – अपने परिवार के लोगो को अधिक से अधिक सुख- सुविधाएं और खुशियाँ देने की चिन्ता, जिसकी वजह से व्यक्ति अधिक से अधिक काम करने का तनाव लेता है।
6 – अगर कोई व्यक्ति पहले से ही शारीरिक या मानसिक समस्याओं से जूझ रहा है तो आसानी से बर्नआउट की समस्या का शिकार हो सकता है।
7 – अगर व्यक्ति के घर – परिवार के सदस्यो मे आपसी कलह, लड़ाई – झगड़े होते है, तो उस व्यक्ति को बर्नआउट की समस्या हो सकती है।
क्या कहती है रिपोर्ट और सर्वे ?
Gallup की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 51 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी बर्नआउट की वजह से दूसरी नौकरी ढूंढ़ते रहते है ।
कई सर्वे ये बता चुके है कि लगभग 60 प्रतिशत कर्मचारी, दुकानदार, खुद का काम या खुद का बिज़नेस करने वाले लोग अपनी नौकरी, अपने काम, या अपने बिज़नेस से संतुष्ट नही है, जिसका मुख्य कारण बर्नआउट है।
Gallup की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार हर 3 मे से 1 कामकाजी व्यक्ति अपने काम के दबाव की वजह से बहुत ज्यादा चिन्ता और तनाव मे है।
बर्नआउट के लक्षण –
किसी व्यक्ति मे बर्नआउट की समस्या के ये लक्षण हो सकते है –

लक्षण
1 – शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से थका हुआ महसूस होना।
2 – सिर दर्द, तनाव और माँसपेशियों मे अक्सर दर्द रहना।
3 – गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ जाना।
4 – काम करने और काम को पूरा करने मे प्रेरणा और ऊर्जा की कमी, समय से काम को पूरा ना कर पाना, अपने काम मे संतुष्टि ना मिलना।
5 – याददाश्त मे कमी होना, किसी चीज पर ढंग से फोकस ना कर पाना। चीजों के मायने खत्म होना।
6 – परिवार के सदस्यो से और साथ काम करने वाले सहकर्मियों के साथ रिश्ते ख़राब होना।
7 – नींद आने मे परेशानी होना।
बर्नआउट का बुरा असर –
बर्नआउट की वजह से व्यक्ति मे कई समस्याएं हो जाती है –
1 – हार्मोनल असुंतलन की समस्या।
2 – पाचन सम्बन्धी समस्या।
3 – उदासी, तनाव और सिर दर्द की समस्या।
4 – माँसपेशियों मे दर्द और ऐंठन।
5 – नींद की समस्या।
6 – लम्बे समय तक बर्नआउट की गिरफ्त मे रहने के कारण ह्रदय रोग, हाई. बी. पी., मोटापा और शुगर होने का खतरा।
7 – नशीली चीजों के सेवन की लत लगने का खतरा।
बर्नआउट से कैसे बचे ?
1- नींद से समझौता ना करे। रोज 7 से 9 घण्टे की नींद बहुत ज़रूरी है। स्वस्थ रहने के लिए आराम करना भी बहुत ज़रूरी होता है।
2- कौन सा काम पहले करना है और कौन सा बाद मे, ये तय करे। ज़रूरी काम पहले करे। एक साथ कई काम को करने से बचे।
3 – काम के दौरान माइक्रो ब्रेक ले, हर आधे घण्टे मे कम से कम 3 मिनट का ब्रेक ले, इन 3 मिनट मे मोबाइल को रख दे। अगर बैठकर काम करते है तो खड़े होकर थोड़ा हाथ – पैर हिला ले। अगर मेहनत वाला काम करते है तो थोड़ा बैठ ले। रिलेक्स होकर मूड को थोड़ा फ्रेश करे।
4 – किसी दूसरे व्यक्ति से अपनी तुलना ना करे। बड़ी पोस्ट, ज्यादा पैसा, बड़ा घर, बड़ी गाड़ी के लिए जल्दबाजी ना करे और कोई शॉर्टकट ना अपनाये। हर चीज को पाने मे समय लग सकता है, जिसके लिए खुद को तैयार रखे।
5 – परिवार के साथ समय बिताये। घर मे शान्ति और आपसी प्रेम बहुत ज़रूरी होता है। परिवार के लोगो के साथ छोटी – बड़ी खुशियाँ एन्जॉय करे। समय – समय पर परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाये, घूमने जाये।
6 – नियमित रूप से किसी भी तरह की एक्सरसाइज करे। संतुलित और पौष्टिक भोजन करे। खूब पानी पीये। समय पर खाये, समय पर सोये। नशीली चीजों से हमेशा दूर रहे।
“शरीर को स्वस्थ और मानसिक तनाव को कम करने में पानी की भी अहम भूमिका होती है, इसके बारे में जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें — [पानी कितना जरूरी है]”
7 – सहकर्मियों और दोस्तों से मजबूत और सच्चे रिश्ते बनाये। उनके दुःख – सुख मे शामिल हो और अपने दुःख – सुख मे उनको शामिल करे।
जितनी हो सके उनकी मदद करे। सहकर्मियों के अच्छे काम की तारीफ करे। कभी – कभी दोस्तों के साथ भी समय बिताये।
8 – डिजिटल डिटॉक्स ज़रूरी, सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाये रहे। स्क्रीन से थोड़ा ब्रेक ले, मोबाइल पर फालतू की चीजों को देखने मे अपना समय बर्बाद ना करे।
9 – चिन्ता और तनाव ज्यादा है तो समय रहते मदद ले। परिवार के सदस्यो और दोस्तों से बात करे, इसमें कोई शर्म की बात नही है।
अकेलेपन से दूर रहे। ज़रूरत पड़े तो थेरेपी और काउंसलिंग की मदद ले।
“अगर आप या आपके बच्चे परीक्षा के तनाव से जूझ रहे हैं, तो इस विषय को विस्तार से समझने के लिए यह पोस्ट भी पढ़ें — [परीक्षा का डर – बच्चों और माता – पिता में तनाव]”
बर्नआउट को नज़रअंदाज़ न करें, अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। थोड़ा ब्रेक लें, खुद को प्राथमिकता दें, और एक योद्धा की तरह फिर से उभरे |
