गर्मियों में अक्सर लोग ठंडे पानी से नहा लेते हैं। कुछ लोग पानी में फ्रिज की बर्फ डाल देते हैं और उस पानी से नहाते हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है।
अब एक नया चलन शुरू हो गया है, वॉटर चिलर लगवाने का। जैसे सर्दियों में पानी गर्म करने के लिए गीज़र होते हैं, वैसे ही अब गर्मियों में पानी ठंडा करने के लिए वॉटर चिलर का इस्तेमाल होने लगा है जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदायक है।
दिल और ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीज़ों के लिए बहुत ही हानिकारक
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी लैंकेस्टर के अध्ययन में ये दावा किया गया है कि तेज़ गर्मी में अचानक से ठंडे पानी से नहाना दिल और बीपी के मरीज़ों के लिए बहुत ही हानिकारक है।
अध्ययन के अनुसार जब गर्म वातावरण में रहने के बाद कोई व्यक्ति 15 डिग्री सेल्सियस या इससे कम तापमान के पानी में नहाता है तो व्यक्ति का ब्लड प्रेशर तेज़ी से बढ़ता है, जिसकी वजह से दिल को अधिक ज़ोर से काम करना पड़ता है।
यह स्थिति कोल्ड शॉक रिस्पॉन्स Cold Shock Response कहलाती है, जो दिल के लिए बहुत ही घातक हो सकती है। इसकी वजह से दिल और बीपी के मरीज़ों की जान भी जा सकती है।
ठंडे पानी से नहाने से होने वाली 5 गंभीर समस्याएं
गर्मियों में ठंडे पानी से नहाने से सिर्फ दिल और बीपी के मरीज़ों को ही नहीं, बल्कि स्वस्थ और फिट लोगों को भी कई समस्याएं हो सकती हैं:
1. सिर दर्द और चक्कर आना
धूप से तपकर आए हैं और तुरंत ठंडे पानी से नहा लिया तो इससे सिरदर्द हो सकता है और चक्कर भी आ सकते हैं।
2. बीमार पड़ने का खतरा
बॉडी हीट + ठंडा पानी = इम्यूनिटी कमजोर।
जुकाम, खांसी, गला खराब, बुखार जल्दी पकड़ लेता है। साइनस वालों को तो तुरंत प्रॉब्लम होती है।
3. मांसपेशियों मे दर्द और अकड़न
ठंडे पानी से मसल्स सिकुड़ जाती हैं। अगर आप थके हुए हैं या वर्कआउट करके आए है और ठंडे पानी से नहा लिया तो बदन दर्द, अकड़न हो सकती है।
4. स्किन और बालों के लिए हानिकारक
बहुत ठंडा पानी स्किन का नेचुरल ऑयल छीन लेता है। स्किन सूखी हो सकती है। कुछ लोगो को खुजली की समस्या भी हो सकती है।
ठंडे पानी से नहाना बालों के लिए भी अच्छा नहीं होता है। बाल रूखे और बेजान हो सकते है। कुछ लोगो को बाल झड़ने की समस्या हो सकती है।
5. पाचन पर बुरा असर
आयुर्वेद के अनुसार खाना खाने के बाद ठंडे पानी से नहाने से पाचन अग्नि मंद पड़ती है, जिसकी वजह से अपच, बदहज़मी, गैस, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती है।
खाना खाने के बाद अगर नहाना ही है तो कम से कम 1 घंटे बाद ही नहाये।
मगर ध्यान रहे कि ठंडे पानी से नही नहाना है।
आयुर्वेद के अनुसार खाना खाने के पहले नहाना बहुत लाभदायक होता है, जिसकी पुष्टि आधुनिक विज्ञान ने भी की है।
पाचन को स्वस्थ रखने के लिए भोजन के बाद कुछ देर टहलना भी फायदेमंद माना जाता है। इसके बारे में विस्तार से हमारे लेख भोजन के बाद टहलना इसे पढ़े।
उपाय: क्या करें और क्या ना करें
जब आप धूप से, या कोई मेहनत वाला काम करके या जिम से आ रहे है तो आपका शरीर बहुत गर्म होता है।
आप पंखे, कूलर या एसी मे बैठते है। पंखे, कूलर या एसी से आपका शरीर बाहर से तो नार्मल हो जाता है मगर अन्दर से शरीर गर्म ही रहता है।
पूरी तरह से शरीर को नार्मल होने मे कम से कम 20 मिनट लगते है।
इसलिए धूप से या कोई मेहनत वाला काम करके या जिम से आ रहे है तो, कम से कम 20 मिनट के बाद ही नहाये।
खाना बनाने के तुरन्त बाद नही नहाना चाहिए, कम से कम 15 मिनट के बाद ही नहाये।
नहाते समय सबसे पहले पैरों पर पानी डाले, उसके बाद हाथों पर, उसके बाद शरीर पर और सबसे आखिरी मे सिर पर पानी डाले।
पानी मे बर्फ मिलाकर कभी ना नहाएं।
अपने घर मे वॉटर चिलर ना लगवाएं।
नॉर्मल पानी से नहाएं। अगर ठंडे पानी से नहाना ही है तो घड़े या सुराही के पानी को नॉर्मल पानी मे मिलाकर नहाएं।
स्वस्थ और फिट लोगों के लिए सबमर्सिबल ( बोरिंग ) के पानी से नहाने से कोई खतरे की बात तो नही है, मगर इस पानी मे मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे खनिज होते है।
इस पानी से रोज नहाने से कुछ लोगों को रूखी और बेजान त्वचा और खुजली जैसी स्किन की समस्याएं हो सकती है।
सबमर्सिबल ( बोरिंग ) के पानी से नहाने से कुछ लोगों को अपनी त्वचा चिपचिपी महसूस होती है।
इस पानी से नहाने से कुछ लोगो को बाल झड़ने की समस्या हो सकती है।
दिल और बीपी के मरीज़ कभी भी सबमर्सिबल (बोरिंग) के पानी से ना नहाएं।
दिल और बीपी के मरीज़ों के लिए नहाने का सही तरीका
दिल और बीपी के मरीज़ो के लिए हल्के गुनगुने पानी से नहाना बहुत लाभदायक होता है।
अगर गुनगुने पानी से रोज नही नहा सकते तो नॉर्मल पानी से नहाएं।
बदन दर्द से पीड़ित लोगों के नहाने का तरीका
जिन लोगों को बदन दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों मे दर्द, अकड़न और सूजन की समस्या है, वो लोग गुनगुने पानी मे सेंधा नमक ( Rock Salt ) मिलाकर रोज नहाए। अगर रोज इस पानी से नही नहा सकते तो हफ्ते में कम से कम 4 बार इस पानी से ज़रूर नहाए।
गर्मी में ठंडा पानी राहत तो देता है, मगर शरीर को शॉक भी देता है।
याद रखिए, 10 मिनट के सुकून के चक्कर में खुद को बीमार कर लेना अच्छी बात नही है।
धूप से या मेहनत वाला काम करके या जिम से आकर 20 मिनट रुकें, पसीना सूखने दें, फिर नॉर्मल पानी से नहाएं।
आपका शरीर मशीन है, उसे झटका मत दीजिए। समझदारी से नहाएं, सेहतमंद रहें।

