Brain fog kya hai ब्रेन फॉग ( दिमागी धुँध )
छोटी – छोटी बाते भूलना, अपनी ही कही गयी बात भूल जाना, चाभी, पर्स, मोबाइल, पेन, रूपये – पैसे, रुमाल जैसे सामान रख कर भूल जाना, किसी बात को या किसी जानकारी को समझने मे कठिनाई होना,
बात करते समय किसी और तरफ ध्यान जाने पर जो बात कर रहे है वही भूल जाना, इन सब बातो का मतलब व्यक्ति की लापरवाही नही बल्कि ब्रेन फॉग ( दिमागी धुँध ) की समस्या के संकेत है।
ब्रेन फॉग कोई बीमारी नही है बल्कि एक कमज़ोर मानसिक स्थिति है जिसमे व्यक्ति छोटी – छोटी चीजे और बाते भूलता है और किसी भी चीज पर अपना ध्यान केंद्रित नही कर पाता, किसी भी चीज पर ठीक से फोकस नही कर पाता है।
पहले ये समस्या सिर्फ बुजुर्गों को होती थी, मगर अब ये समस्या कम उम्र के लोगो मे भी हो रही है।
ब्रेन फॉग ( दिमागी धुंध ) के मुख्य लक्षण
1- कमज़ोर याददाश्त –
• सामान रखकर भूलना, अपनी ही कही बात को भूलना, कभी – कभी जो काम करना है उसको भूलना।
2- फोकस करने मे परेशानी –
• किसी भी चीज पर या किसी भी काम मे फोकस ना कर पाना, हर 2 से 3 मिनट मे ध्यान भटकना।
3- मल्टीटास्किंग फेल –
• एक साथ 2 काम करने मे परेशानी होना, जैसे टीवी देखते – देखते सब्ज़ी ना काट पाना, ऑफिस का काम करते – करते कॉल रिसीव करने मे या ईमेल चेक करने मे परेशानी होना।
4- शब्द भूलना –
• बोलते – बोलते सही शब्द भूल जाना, और कुछ देर तक वो शब्द याद ना आना। कभी – कभी बोलने मे लड़खड़ाहट होना।
5- दिमाग स्लो, सोचने मे देरी –
• साधारण और सरल सवाल का जवाब देने मे टाइम लगना, जैसे 2 + 2 = 4 बताने मे समय लगाना, या कोई पूछे कि कहाँ रहते हो, माता – पिता का क्या नाम है तो इन सवालों के जवाब देने मे भी सोचने मे समय लगाना।
6- मानसिक थकावट –
• बिना कोई काम किये ही दिमाग थका – थका लगना। सुबह उठते ही सिर भारी लगना।
7- निर्णय लेने मे परेशानी –
• कपड़े कौन से पहनूँ, किस कलर के पहनूँ , चाय पिएं या ना पिएं, व्हाट्सअप पर रिप्लाई देने मे समय लगाना, 50 रूपये का सामान लेने मे भी बहुत समय लगाना,
कौन सा काम पहले करू और कौन सा बाद मे, ये तय ना कर पाना, अक्सर काम को कल के लिए टालना।
ब्रेन फॉग ( brain fog ) होने के कारण –
1- नींद की कमी –
• अधिक काम की वजह से बिज़ी रहने वाले जिन लोगो की नींद पूरी नही हो पाती और जिनको नींद नही आती, ऐसे लोगो मे ब्रेन फॉग की समस्या आसानी से हो जाती है।
2- तनाव और चिन्ता –
• ब्रेन फॉग होने का मुख्य कारण तनाव और चिन्ता है। तनाव और चिन्ता से कोर्टिसोल हार्मोन्स बढ़ते है जो याददाश्त कमजोर करते है।
3- अत्यधिक काम का प्रेशर –
• बहुत से कामकाजी लोगो और हॉउसवाइफ को क्षमता से ज्यादा और अधिक समय तक काम करना पड़ता है, जब काम का प्रेशर बहुत बढ़ जाता है तो ब्रेन फॉग की समस्या उत्पन्न होती है।
काम के इसी बढ़ते दबाव के कारण कई बार लोग बर्नआउट के शिकार भी हो जाते हैं, बर्नआउट क्या है? कारण, लक्षण और बचाव। ज़रूर पढ़ें।
4- ज्यादा देर तक स्क्रीन टाइम –
• 5 से ज्यादा घंटे तक मोबाइल, कम्प्यूटर , टैबलेट, टीवी आदि का उपयोग ब्रेन फॉग को बढ़ाता है।
5- पोषण की कमी –
• अगर भोजन मे विटामिन B, B 12, ओमेगा 3 और आयरन की कमी है तो ब्रेन फॉग की समस्या हो जाती है।
6- ज्यादा चीनी का सेवन –
• चीनी के ज्यादा सेवन से ब्रेन फॉग की समस्या हो जाती है।
7- डीहाइड्रेशन –
• हमारे दिमाग मे लगभग 75 प्रतिशत पानी होता है, पानी कम पीने से दिमाग स्लो होता है और सोचने की क्षमता धीमी हो जाती है।
8- बीमारी के बाद –
• डेंगू, वायरल, कोविड होने के बाद 3 से 6 महीने तक पोस्ट वायरल ब्रेन फॉग रहता है।
9- थायराइड –
• थायराइड की समस्या से पीड़ित लोगो मे ब्रेन फॉग की समस्या होना आम बात है। पुरुषो के मुकाबले महिलायें इससे ज्यादा पीड़ित है।
10- दवाओं का साइड इफैक्ट –
• एलर्जी, बी. पी., दर्द, और नींद की कुछ दवाओं के साइड इफैक्ट के कारण ब्रेन फॉग हो जाता है।
11- हार्मोनल असन्तुलन –
• हार्मोनल असन्तुलन भी ब्रेन फॉग का एक मुख्य कारण है।
ब्रेन फॉग ( brain fog ) से बचाव के 11 घरेलू उपाय और इलाज
1- भरपूर नींद –
रोज कम से कम 7 से 9 घंटे तक भरपूर नींद लो। सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप रख दे और टीवी बंद कर दे।
2- संतुलित आहार –
दूध, दही, अंडे, पनीर, अखरोट, अलसी, हरी सब्जियाँ खाये और डॉक्टर की सलाह से
B12 सप्लीमेंट ले।
3- पर्याप्त पानी –
रोज 8 से 10 गिलास पानी पिएं। रोज सुबह उठने के बाद सबसे पहले 2 गिलास पानी ज़रूर पिएं।
4- चीनी का सेवन कम करे –
दिन भर मे 2 कप चाय या कॉफी से ज्यादा ना पिएं। कोल्ड्रिंक्स, एनर्जीड्रिंक्स, मिठाई, चॉकलेट, पैकेट वाला जूस, बिस्किट आदि का सेवन ना करे या कम से कम करे।
5- तनाव और चिन्ता से बचे –
खुश रहने की कोशिश करे, तनाव से बचे, चिन्ता ना करे। अपनी सोच को पॉजिटिव रखे।
6- डिजिटल डिटॉक्स –
मोबाइल, कंप्यूटर, टैबलेट आदि का कम से कम उपयोग करे।
अगर इन पर काम करते है तो हर 45 मिनट के बाद 5 मिनट का ब्रेक ले।
हर 20 मिनट के बाद 20 फ़ीट की दूरी पर 20 सेकंड तक देखे।
टीवी कम से कम देखे।
7- सिंगल टास्किंग –
एक समय पर एक ही काम करे, एक साथ कई कामो को करने की कोशिश ना करे।
8- नियमित व्यायाम –
रोज कम से कम 30 मिनट तक कोई ना कोई व्यायाम ज़रूर करे। भारी और कठिन व्यायाम की जगह हल्के व्यायाम भी कर सकते है। घर पर भी सीढ़ियाँ ( जीने ) चढ़ना, छत पर वॉक, स्ट्रैचिंग आदि किया जा सकता है।
9- धूप प्लस वॉक –
रोज सुबह धूप मे कम से कम 15 मिनट तक वॉक ज़रूर करे।
10- योग और ध्यान ( मेडिटेशन ) –
योग और ध्यान से बहुत लाभ मिलता है।
11- खाने के बाद टहलना –
खाना खाने के 5 से 10 मिनट के बाद, 10 से 15 मिनट तक या 100 से 200 कदम टहलने से बहुत लाभ मिलता है।
कई रिसर्च और सर्वे बताते है कि लगभग 90 प्रतिशत लोगो मे ब्रेन फॉग की समस्या घरेलू उपायों और लाइफस्टाइल मे बदलाव करने से ही ठीक हो जाती है, सिर्फ 10 प्रतिशत लोगो को ही डॉक्टर के पास जाना पड़ता है।
ब्रेन फॉग में डॉक्टर को कब दिखाए –
अगर घरेलू उपायों और अपना लाइफस्टाइल बदलने के बाद भी ब्रेन फॉग की समस्या कम नही हो रही है तो किसी अच्छे जनरल फिजिशियन डॉक्टर को दिखाए।
ब्रेन फॉग कोई बड़ी बीमारी नही है, बस एक प्रकार की दिमागी धुंध है।
तनाव से दूर रहे, मोबाइल, कंप्यूटर आदि का कम से कम उपयोग करे, भरपूर नींद ले, संतुलित भोजन करे, चीनी का सेवन कम से कम करे, पर्याप्त मात्रा मे पानी पिएं, एक समय मे एक ही काम करे, व्यायाम करे,
इन सब उपायों से ही ब्रेन फॉग की समस्या अपने आप ही ठीक हो जाएगी
ब्रेन फॉग के शिकार लोगो का दिमाग बदलेगा तो डिसीजन भी बदलेगा, डिसीजन बदलेगा तो ज़िन्दगी भी बदलेंगी।

